सम्पूर्ण हिंदी व्याकरण (SAMPURNA HINDI VYAKARAN) सीरिज के द्वारा आपको हिंदी व्याकरण की संपूर्ण जानकारी देने प्रयास है। सम्पूर्ण हिंदी व्याकरण (SAMPURNA HINDI VYAKARAN) सीरिज के माध्यम से हिंदी व्याकरण के सभी पाठों के जानकारी और हिंदी व्याकरण MCQ आपके लिए उपलव्ध कराया गया है I जो आपके लिए उपयोगी साबित होगा और आपके हिंदी व्याकरण का ज्ञान को एक नए स्तर पार ले जायेगा I
संज्ञा शब्द के बदले जिस शब्द का प्रयोग किया जाता है उसे सर्वनाम कहते हैं।
सर्वनाम संज्ञा के स्थान पर आता है। जैसे: तुम ,हम ,आप ,उसका ,आदि ।
• रमन एक लड़का हैं | वह जा रहा है।
उपरोक्त वाक्य में रमन संज्ञा है और दूसरे वाक्य में रमन के बदले वह प्रयुक्त हुआ हैं ,जो सर्वनाम कहलायेगा I
सर्वनाम के कुछ अन्य उदाहरण
• वह लड़की कौन है?
• तुम बाज़ार घूमने गए थे।
• मैं कक्षा का सबसे होनहार छात्र हूँ।
• मैं वहां पर पहुंच नहीं सकूंगा।
• जो जीतेगा उसे पुरूस्कार मिलेगा।
• कोई आया था क्या?
• वह मेरा पुत्र है।
सर्वनाम के 6 भेद हैं I
• पुरुषवाचक सर्वनाम
• निश्चयवाचक सर्वनाम
• अनिश्चयवाचक सर्वनाम
• प्रश्नवाचक सर्वनाम
• संबंधवाचक सर्वनाम
• निजवाचक सर्वनाम
वैसे सर्वनाम जो व्यक्तिवाचक संज्ञा का स्थान लेते हैं , उसे सर्वनाम पुरुषवाचक सर्वनाम कहलाते हैं।
पुरुषवाचक सर्वनाम से बने वाक्य :-
• मैं नहीं जाऊंगा।
• वह बहुत खूबसूरत है।
• यह तो मेरी कहानी है।
• तुम तो बड़े चालक हो।
• उत्तम पुरुष :-
इस प्रकार के सर्वनाम का प्रयोग स्वंय के लिए किया जाता है। जैसे :- मैं, हम, मेरा।
• मध्यम पुरुष :-
दूसरे व्यक्ति के लिए या श्रोता के लिए प्रयोग किए गए शब्द मध्यम पुरुष कहलाते हैं। जैसे :- तू, तुम, तुम्हारा।
• अन्य पुरुष :-
श्रोता के अतिरिक्त, अन्य व्यक्तियों के लिए जो सर्वनाम प्रयोग किए जाते हैं, वे अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। जैसे :- यह, वह, वे, ये।
वे सर्वनाम जो संकेत( निश्चित व्यक्ति, वस्तु अथवा घटना की ओर इशारा ) करने के लिए उपयोग किए जाते हैं वे निश्चयवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। जैसे :- वह, यह, उस, इस, वे आदि ।
यह दूर एवं पास, दोनों प्रकार के चीजों को संकेत करते हैं, और इसी आधार पर इसके भेद भी बनाए गए हैं।
निश्चयवाचक सर्वनाम से बने वाक्य :-
• वह मेरा पुत्र है।
• यह शर्म जी की कार है।
• उन लोगों की मानसिकता खराब है।
• ये प्रगति तो कर रहे हैं।
• उन्हे अभी खबर नहीं है।
• इसे क्या हुआ?
• वे सुन नहीं सकते।
• वह स्थल बहुत खूबसूरत था।
• वह बहुत चालाक है।
वैसे सभी सर्वनाम जिनसे कुछ निश्चित बोध न हो, और जो किसी प्रकार का प्रमाण न प्रस्तुत कर रहे हों, वे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहलाते हैं।
अनिश्चयवाचक सर्वनाम से बने वाक्य :-
• कुछ लोग आए थे।
• कुछ लाए हो।
• किसी से बताना मत।
• कोई तो करेगा ही।
• कोई काम हो तो बताना।
• कुछ खिलाओ I
वैसे शब्द जो वाक्य को प्रश्न में परिवर्तित या बदलने का काम करते हैं ,वे प्रश्नवाचक सर्वनाम कहलाते हैं।
प्रश्नवाचक सर्वनाम से बने वाक्य :-
• यह सब कौन करेगा ?
• तुम्हें किसने मारा?
• आप दिल्ली कब तक आएंगे ?
• क्या वह तुमसे प्रेम करता है?
• किन लोगों ने अमेरिका को खोजा था?
• रमेश, क्या तुम उत्तीर्ण हो गए?
• आपका शुभ नाम क्या है?
• मैं नहीं आऊंगा तो मेरा स्थान कौन लेगा?
वैसे सर्वनाम जो दो उप वाक्यों के मध्य संबंध स्थापित करते हैं, वे संबंधवाचक सर्वनाम कहलाते हैं।
जैसे – जो, सो, उसी, जब, जैसा, जैसी, जितना, जितनी, उतना, उतनी, जिसका, जिसकी आदि।
संबंधवाचक सर्वनाम से बने वाक्य :-
• जो करेगा, सो भरेगा।
• जैसा बोओगे वैसा ही काटोगे।
• मैंने तो कहा नहीं, तुम कह दो।
• जैसी करनी वैसी भरनी।
• जिसकी लाठी, उसकी भैंस।
• वह कौन है, जो चिल्ला रहा था।
जो सर्वनाम तीनों पुरूषों (उत्तम, मध्यम और अन्य) में निजता का बोध कराता है, उसे निजवाचक सर्वनाम कहते हैं।
निजवाचक सर्वनाम के उदाहरण :-
• मैं अपनी बाइक लेकर जा रहा हूं।
• मैं खुद आ जाऊंगा।
• आप अपना काम खुद करो।
• अपने आप काम करो।
इन्हें भी पढ़े:-
संज्ञा क्या है, और संज्ञा के भेद
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